पेट्रोल के दाम हर महीने जेब पर भारी पड़ते जा रहे हैं। ऐसे में आम आदमी के लिए रोज़ का सफर अब एक खर्च नहीं, बल्कि एक चिंता बन चुका है। इसी बीच इलेक्ट्रिक स्कूटर विकल्प के तौर पर उभरे हैं, और उनमें से TVS iQube Electric को लोग खास तौर पर चर्चा में रख रहे हैं।
TVS iQube को इस वजह से देखा जा रहा है क्योंकि यह कम चलाने का खर्च, अच्छी रेंज और भरोसेमंद ब्रांड का संतुलन पेश करता है।
TVS iQube Electric को “आसान खरीद” वाला स्कूटर क्यों कहा जा रहा है?
TVS iQube को गरीब या मध्यम वर्ग के लिए आसान इसलिए माना जा रहा है क्योंकि इसकी कुल लागत पेट्रोल स्कूटर की तुलना में लंबे समय में कम पड़ती है। इसमें ईंधन खर्च नहीं होता और मेंटेनेंस भी सीमित रहता है।
सरकार की FAME-II सब्सिडी और कुछ राज्यों की अतिरिक्त छूट इसे और किफायती बनाती हैं। यही वजह है कि कई लोग इसे “tax-free जैसा” अनुभव मानते हैं, हालांकि तकनीकी रूप से ऐसा नहीं है।
100% Tax Free का सच क्या है?
यह समझना ज़रूरी है कि TVS iQube Electric पूरी तरह टैक्स फ्री नहीं है। भारत सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर GST को 12% से घटाकर 5% किया है। यह पेट्रोल स्कूटर के 28% GST से काफी कम है।
कई राज्यों में रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस माफ़ की जाती है, जिससे ऑन-रोड कीमत कम लगती है।
(स्रोत: Ministry of Heavy Industries, Government of India)
यही कारण है कि लोग इसे बोलचाल में “100% टैक्स फ्री” कह देते हैं, जबकि असल में यह low-tax electric vehicle है।
220 किलोमीटर रेंज का दावा कितना भरोसेमंद है?
TVS iQube के टॉप वेरिएंट्स में कंपनी लगभग 220Km तक की रेंज का दावा करती है। यह रेंज शहर की ड्राइविंग परिस्थितियों और Eco मोड पर आधारित होती है।
असल इस्तेमाल में रेंज राइडिंग स्टाइल, ट्रैफिक और मौसम पर निर्भर करती है। फिर भी, शहर के रोज़ाना सफर के लिए यह दूरी पर्याप्त मानी जाती है।
(स्रोत: TVS Motor Company – Official Specifications)
90 Km/h की टॉप स्पीड क्या रोज़मर्रा के लिए सही है?
TVS iQube की अधिकतम स्पीड लगभग 90 Km/h बताई जाती है। शहरों में यह स्पीड व्यावहारिक मानी जाती है क्योंकि इससे ओवरटेक करना आसान होता है और ट्रैफिक के साथ तालमेल बना रहता है।
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यह कोई रेसिंग स्कूटर नहीं है, बल्कि आरामदायक और सुरक्षित कम्यूटिंग के लिए डिजाइन किया गया मॉडल है।
चलाने का खर्च कितना कम हो जाता है?
TVS iQube Electric को चार्ज करने में पेट्रोल की तुलना में काफी कम खर्च आता है। एक बार फुल चार्ज में आने वाला खर्च पेट्रोल के मुकाबले बहुत कम होता है, जिससे हर महीने अच्छा खासा पैसा बचाया जा सकता है।
अगर कोई व्यक्ति रोज़ स्कूटर चलाता है, तो साल भर में यह बचत हजारों रुपये तक पहुंच सकती है। यही वजह है कि इसे बजट-फ्रेंडली विकल्प कहा जाता है।
मेंटेनेंस में क्यों है फायदा?
इलेक्ट्रिक स्कूटर में इंजन ऑयल, क्लच या गियर जैसी चीजें नहीं होतीं। इससे सर्विस का खर्च सीमित रहता है।
TVS का सर्विस नेटवर्क भारत में मजबूत माना जाता है, जिससे ग्राहकों को लंबे समय तक भरोसे का साथ मिलता है।
डिजाइन और फीचर्स में क्या मिलता है?
TVS iQube का डिजाइन सादा लेकिन प्रीमियम लगता है। इसमें डिजिटल डिस्प्ले, स्मार्ट कनेक्टिविटी और आरामदायक सीट दी गई है।
स्कूटर दिखावे से ज्यादा उपयोगिता पर फोकस करता है। यही बात इसे परिवार और रोज़ाना ऑफिस जाने वालों के लिए उपयुक्त बनाती है।
क्या यह वाकई गरीब और मध्यम वर्ग के लिए सही है?
अगर शुरुआती कीमत से आगे सोचें, तो TVS iQube Electric लंबे समय में किफायती साबित होता है। कम ईंधन खर्च, कम टैक्स और सीमित मेंटेनेंस इसे practical बनाते हैं।

हालांकि, जिन लोगों के पास चार्जिंग की सुविधा नहीं है, उनके लिए यह फैसला थोड़ा सोच-समझकर लेना ज़रूरी है।
निष्कर्ष
TVS iQube Electric कोई चमत्कारी स्कूटर नहीं है, लेकिन यह एक समझदारी भरा विकल्प ज़रूर है। कम खर्च में चलने वाला, भरोसेमंद ब्रांड और सरकार की इलेक्ट्रिक पॉलिसी का फायदा इसे खास बनाता है।
अगर आप पेट्रोल खर्च से परेशान हैं और रोज़मर्रा के सफर के लिए भरोसेमंद इलेक्ट्रिक स्कूटर चाहते हैं, तो TVS iQube आपकी सूची में होना चाहिए।